डी एम एफ का मद का सही उपयोग कर जशपुर जिले ने पुनः साबित किया है कि परिवर्तन कभी भी दूर नहीं होता वरन हौसले बुलंद हों तो कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है। दिन था 25 नवंबर और अवसर था अंबिकापुर में नगर सेना के प्रशिक्षु सैनिकों के पासिंग आउट परेड का। गर्व से मस्तक उठाए, चमचमाती वर्दी में में जब प्रशिक्षु नगर सैनिक मंच के सामने से गुजरे तो वातावरण करतल ध्वनि से गूंज उठा। इन्हीं छात्राओं में 50 वो छात्राएं भी है जो जशपुर जिले के सुदूर वनांचलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं,इन सभी ने जशपुर जिला प्रशासन द्वारा डी एम एफ मद से संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण एवं ट्रेनिंग प्राप्त किया , निः शुल्क भोजन , शिक्षण , आवास, शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त कर ये छात्राएं अपने परिवार एवं, जिले का नाम रोशन करने में सफल रही और न केवल अपना एवं अपने परिवार का भविष्य उज्जवल कर सकीं वरन जिले के अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है। हेमवती, खेमा, रूपा, अमीना ये सभी वो छात्राएं है जिन्होंने कभी आंखों में सपने लेकर कठिन परिस्थितियों के बीच नव संकल्प में प्रवेश लिया था और अब एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ चली हैं। इसी क्रम में एक और पासिंग आउट परेड 27 अक्टूबर को जशपुर के रानी बगीचा में भी आयोजित किया गया जहां संस्था की ओर से हमें शामिल होने एवं प्रत्यक्ष अनुभव लेने का अवसर प्राप्त हुआ।
छत्तीसगढ़ राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के गृह जिले में DMF मद का प्रयोग करते हुए छात्रों के लिए निः शुल्क कोचिंग एवं आवास की व्यवस्था की गई है जिससे क्षेत्र के युवा लाभान्वित हो रहे हैं तथा , शिक्षक भर्ती, सेना भर्ती, पीएससी जैसे परीक्षाओं में सैकड़ों की संख्या में छात्र चयनित हो चुके हैं। इसी क्रम में वर्तमान में नगर सेना हेतु एक साथ 50 छात्राओं के चयन की खबर ने सबका ध्यान आकर्षित किया है। यह पूरे प्रदेश में एक अद्भुत उदाहरण माना जा रहा है। पासिंग आउट परेड के दौरान जब ग्रामीण परिवेश से आए हुए अभिभावकों के अपने बच्चियों को खाकी वर्दी में परेड करते देखा तो उनकी आंखे भर आई। कई अभिभावक तो अपने साथ फूलों की माला लेकर आए थे जिससे उन्होंने अपनी संतानों का अभिनंदन किया। परेड के बाद सभी सैनिकों ने भी अपने माता पिता एवं गुरु जनों का चरण छू कर अभिवादन किया।
जशपुर जैसे जनजाति बहुल क्षेत्र में यह एक अद्भुत उदाहरण है।


